दुधारू भैंस की सही पहचान कैसे करें?
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दुधारू भैंस की सही पहचान कैसे करें?
सही दुधारू भैंस पहचानना अब हुआ आसान – TabelaWala के विशेषज्ञ मार्गदर्शन के साथ!
दूध उत्पादन किसी भी डेयरी व्यवसाय की नींव है, और इस नींव को मजबूत बनाती है—एक सही दुधारू भैंस। लेकिन असल चुनौती यही है कि किसान अक्सर केवल बाहरी बनावट देखकर भैंस खरीद लेते हैं और बाद में कम दूध, बीमारी या देखभाल की समस्याओं से जूझते हैं। यदि आप उच्च उत्पादन वाली भैंस लेना चाहते हैं, तो वैज्ञानिक और व्यावहारिक संकेतों को समझना बेहद ज़रूरी है। TabelaWala, जो भारत का सबसे विश्वसनीय प्री-डेयरी और डेयरी बिज़नेस प्लेटफ़ॉर्म है, आपको उसी विशेषज्ञता के साथ सही चयन करने में मदद करता है।
दुधारू भैंस की पहचान के मुख्य वैज्ञानिक और व्यावहारिक तरीके
उच्च दूध देने वाली भैंस की पहचान कोई अनुमान नहीं, बल्कि एक प्रक्रिया है जो शरीर की बनावट, थन, वंश, व्यवहार, आहार और स्वास्थ्य संकेतों के गहराई से विश्लेषण पर आधारित होती है। एक सही दुधारू भैंस वह होती है जिसका शरीर सुदृढ़ हो, थन विकसित हों, नस्ल शुद्ध और वंश निरंतर दूध देने वाला रहा हो। साथ ही, भैंस का स्वभाव शांत, सक्रिय और पाचन प्रणाली मजबूत होना चाहिए।
महत्वपूर्ण व्यावहारिक संकेत:
- भैंस का शरीर संतुलित और मजबूत हो
- थन का आकार सही और नसें उभरी हुई हों
- नस्ल मान्यता प्राप्त और शुद्ध हो
- पाचन अच्छा हो और भूख पूरी हो
- वंश में दूध उत्पादन का इतिहास बेहतर हो
- भैंस तनाव-मुक्त और शांत स्वभाव की हो
शरीर की बनावट और संरचना
एक अधिक दूध देने वाली भैंस की पहचान दूर से ही उसकी शारीरिक बनावट देखकर की जा सकती है। वैज्ञानिक दृष्टि से, एक अच्छी दुधारू भैंस का शरीर ‘त्रिकोण आकार’ (Wedge Shape) का होना चाहिए। इसका अर्थ है कि भैंस आगे से (गर्दन की तरफ) हल्की और संकरी होनी चाहिए, जबकि पीछे से चौड़ी और भारी होनी चाहिए। यदि पशु का शरीर ढोलक जैसा गोल है या बहुत थुलथुला है, तो वह मांसल ज्यादा होगा और दूध कम देगा।
इसके अलावा, इन मुख्य बातों पर भी गौर करें:
- चमड़ी (Skin): भैंस की त्वचा पतली, चिकनी और लचीली होनी चाहिए। मोटी चमड़ी वाले पशु अक्सर कम दूध देते हैं।
- आंखें और गर्दन: आंखें चमकदार और स्पष्ट होनी चाहिए जो अच्छे स्वास्थ्य की निशानी हैं। गर्दन लंबी और सुराहीदार (पतली) होनी चाहिए।
अयन और दुग्ध शिराओं की जांच
दूध उत्पादन में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका पशु के ‘अयन’ (Udder) की होती है। एक अच्छी भैंस का अयन शरीर से मजबूती से चिपका हुआ होना चाहिए और पीछे की टांगों के बीच ऊपर तक फैला होना चाहिए। सबसे जरूरी बात यह है कि दूध निकालने के बाद अयन पूरी तरह सिकुड़ कर छोटा हो जाना चाहिए, जिसे आम भाषा में ‘पोला पड़ना’ कहते हैं। यदि दूध निकालने के बाद भी अयन सख्त और बड़ा रहता है, तो यह मांसल अयन है, जो कम दूध देने का संकेत है।
अयन की जांच करते समय इन बिन्दुओं को न भूलें:
- दुग्ध शिराएं : पेट के नीचे और अयन के ऊपर टेढ़ी-मेढ़ी, उभरी हुई मोटी नसें दिखनी चाहिए। ये नसें जितनी साफ और उभरी होंगी, भैंस की दूध बनाने की क्षमता उतनी ही अधिक होगी।
- थनों का आकार: चारों थन समान लंबाई के और बराबर दूरी पर होने चाहिए। थनों में कोई गांठ नहीं होनी चाहिए और धार सीधी निकलनी चाहिए।
नस्ल, वंशावली और व्यवहार
सिर्फ शरीर देखकर फैसला लेना जल्दबाजी हो सकती है। भैंस की नस्ल (जैसे मुर्रा, नीली रावी) और उसके वंश (Lineage) की जानकारी लेना बेहद जरूरी है। खरीदते समय पशु के माता-पिता के दूध उत्पादन का रिकॉर्ड (Milk Record) जरूर पूछें, क्योंकि आनुवंशिकी (Genetics) दूध की मात्रा तय करने में बड़ी भूमिका निभाती है। इसके साथ ही, पशु का व्यवहार भी बहुत मायने रखता है।
व्यवहार से जुड़े ये संकेत जरूर देखें:
- शांत स्वभाव: अच्छी दुधारू भैंसें शांत स्वभाव की होती हैं। जो भैंस बेचैन रहती है, लात मारती है या डरी हुई दिखती है, उसका दूध निकालना मुश्किल होता है।
- जुगाली और थूथन: भैंस आराम से बैठकर जुगाली कर रही हो और उसकी नाक (थूथन) पर पसीने जैसी नमी हो, तो यह उसके पूर्णतः स्वस्थ होने का प्रमाण है।
पशु खरीदते समय अक्सर ये गलतियां करते हैं
अक्सर देखा गया है कि कुछ लोग जल्दबाजी में आकर गलत निर्णय ले लेते हैं। सबसे बड़ी गलती ‘सिर्फ एक समय की दोलाई’ देखकर पशु खरीदना है। कई बार विक्रेता पशु को बेचने से पहले वाले समय का दूध नहीं निकालते, जिससे अयन बहुत बड़ा दिखता है।
इन गलतियों से बचें:
- उम्र का ध्यान न रखना: हमेशा दूसरे या तीसरे ब्यांत (Lactation) की भैंस खरीदना सबसे अच्छा होता है, क्योंकि इस दौरान उत्पादन क्षमता चरम पर होती है।
- चौपाई (Chaupai) न करना: भैंस खरीदते समय कम से कम लगातार दो दिन (4 समय) अपने सामने दूध निकलवा कर देखें। इससे उसकी वास्तविक क्षमता का पता चलता है।
TabelaWala का साथ
सही और स्वस्थ दुधारू पशु ढूँढना एक थका देने वाला काम हो सकता है, लेकिन TabelaWala के साथ यह प्रक्रिया आसान और पारदर्शी है। हम बिचौलियों को हटाकर आपको सीधे सही विक्रेताओं से जोड़ते हैं।
- वेरिफाइड पशु: हमारे प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पशुओं की जानकारी जांची-परखी होती है।
- सही कीमत: हम यह सुनिश्चित करते हैं कि किसानों को उनकी मेहनत के पैसे की सही वैल्यू मिले और पशु उचित दाम पर उपलब्ध हों।
- विशेषज्ञ सलाह: हमारी टीम आपको पशु के स्वास्थ्य और दूध क्षमता का सही आकलन करने में मदद करती है।
सही दुधारू भैंस चुनना एक वैज्ञानिक और अनुभव-आधारित प्रक्रिया है। यदि किसान सही संकेतों को समझें और विश्वसनीय प्लेटफ़ॉर्म से खरीदें, तो उनका डेयरी व्यवसाय तेज़ी से बढ़ सकता है। TabelaWala इसी उद्देश्य से आपको सही जानकारी, सजगता और उच्च गुणवत्ता वाली भैंसों तक पहुंच प्रदान करता है।
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