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पशु का दूध बढ़ाने और स्वस्थ रखने के लिए सही खुराक व देखभाल

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पशु का दूध बढ़ाने और स्वस्थ रखने के लिए सही खुराक व देखभाल -

दूध देने वाले पशु (गाय या भैंस) की अच्छी सेहत ही अधिक और गुणवत्तापूर्ण दूध का मुख्य आधार होती है। यदि पशु को संतुलित आहार, स्वच्छ पानी और सही देखभाल मिले, तो वह लंबे समय तक स्वस्थ रहता है और दूध उत्पादन भी बढ़िया देता है। आइए जानते हैं कि पशु को क्या खिलाना-पिलाना चाहिए जिससे वह हष्ट-पुष्ट भी रहे और दूध भी अधिक दे।

1. संतुलित आहार का महत्व

दूध देने वाले पशु को केवल भूसा या हरा चारा खिलाना पर्याप्त नहीं होता। उसे ऊर्जा, प्रोटीन, खनिज और विटामिन से भरपूर संतुलित आहार चाहिए।

जरूरी आहार सामग्री

  • हरा चारा – बरसीम, ज्वार, बाजरा, मक्का, नेपियर घास

  • सूखा चारा – गेहूं का भूसा, धान का पुआल

  • दाना मिश्रण – चोकर, मक्का पिसा हुआ, सरसों/सोयाबीन खली

  • खनिज मिश्रण व नमक – दूध बढ़ाने और शरीर मजबूत रखने के लिए जरूरी

👉 सामान्य रूप से 1 लीटर दूध उत्पादन पर लगभग 400–500 ग्राम दाना देना लाभकारी माना जाता है।

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2. दूध बढ़ाने वाले घरेलू उपाय

कुछ पारंपरिक और सुरक्षित उपाय दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद करते हैं:

  • मेथी दाना + गुड़ को पानी में उबालकर देना

  • चना या चने की दाल भिगोकर खिलाना

  • अजवाइन और जीरा थोड़ी मात्रा में दाने में मिलाकर देना

  • सरसों की खली सीमित मात्रा में देना (प्रोटीन का अच्छा स्रोत)

इन उपायों से पाचन अच्छा रहता है और दूध बनने की प्रक्रिया मजबूत होती है।


 

3. स्वच्छ पानी और रहने की व्यवस्था

  • पशु को दिन में 3–4 बार साफ पानी अवश्य दें।

  • गंदे पानी से दूध कम हो सकता है और बीमारी का खतरा बढ़ता है।

  • पशुशाला साफ, सूखी और हवादार होनी चाहिए।

  • गर्मी में छाया और सर्दी में ठंड से बचाव जरूरी है।


 

4. स्वास्थ्य देखभाल और नियमित जांच

  • समय-समय पर टीकाकरण और कृमिनाशक दवा दें।

  • पशु के शरीर पर जूं-किलनी न होने दें।

  • अचानक दूध कम हो जाए तो तुरंत पशु चिकित्सक से सलाह लें।

  • गर्भावस्था और बछड़े के जन्म के बाद विशेष पोषण दें।


 

5. दूध बढ़ाने के अतिरिक्त महत्वपूर्ण सुझाव

  • रोज एक ही समय पर दूध निकालें – इससे उत्पादन स्थिर रहता है।

  • पशु को तनाव-मुक्त वातावरण दें।

  • हल्की मालिश और साफ-सफाई से रक्त संचार अच्छा होता है।

  • बासी या सड़ा-गला चारा कभी न खिलाएं।


 

निष्कर्ष

यदि दूध देने वाले पशु को संतुलित आहार, स्वच्छ पानी, सही देखभाल और समय पर उपचार मिले, तो वह स्वस्थ रहता है और अधिक मात्रा में गुणवत्तापूर्ण दूध देता है। थोड़ी-सी नियमित देखभाल से पशुपालक अपनी आय भी बढ़ा सकते हैं और पशु भी लंबे समय तक हष्ट-पुष्ट रहता है।

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