Nutrition Guide for Pregnant Cows and Buffaloes – What to Feed and What to Avoid

गर्भवती गाय और भैंस के लिए पोषण

डेयरी फार्मिंग में पशु का स्वास्थ्य ही आपकी सबसे बड़ी पूंजी है। जब एक गाय या भैंस गर्भवती होती है, तो उसकी पोषण संबंधी ज़रूरतें सामान्य से काफी बढ़ जाती हैं। इस दौरान दी गई सही डाइट न केवल होने वाले बछड़े/कटड़े के विकास को सुनिश्चित करती है, बल्कि ब्याने के बाद पशु की दूध उत्पादन क्षमता को भी बढ़ाती है।

आइये हम जानते है कि गर्भवती पशुओं के लिए संतुलित आहार चार्ट कैसा होना चाहिए।

गर्भावस्था के दौरान पोषण क्यों महत्वपूर्ण है?

गर्भावस्था के अंतिम 3 महीने सबसे महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि इस दौरान पेट में पल रहे बच्चे का 70% विकास होता है। यदि इस समय पोषण में कमी रह जाए, तो:

  • पशु कमजोर हो सकता है।
  • बछड़ा कमजोर पैदा हो सकता है।
  • ब्याने के बाद ‘मिल्क फीवर’ जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
  • दूध की मात्रा कम हो सकती है।

क्या दें: संतुलित आहार की सूची

1. पौष्टिक हरा और सूखा चारा

पशु को पर्याप्त मात्रा में रेशेदार आहार दें। इसमें हरा चारा (बरसीम, मक्का या ज्वार) और सूखा चारा (तूड़ी या कड़बी) का 60:40 का अनुपात होना चाहिए। हरा चारा विटामिन-A का अच्छा स्रोत होता है जो गर्भस्थ शिशु की आंखों और त्वचा के लिए जरूरी है।

2. दाना मिश्रण

गर्भवती पशु को सामान्य डाइट के अलावा 2 से 2.5 किलो अतिरिक्त दाना देना चाहिए। इसमें शामिल करें:

  • अनाज: मक्का, जौ या गेहूं का चोकर (ऊर्जा के लिए)।
  • खली: सरसों, बिनौला या सोयाबीन की खली (प्रोटीन के लिए)।
  • दालों की चूरी: अरहर या चने की चूरी।

3. खनिज मिश्रण 

गर्भवती पशु के लिए खनिज मिश्रण किसी अमृत से कम नहीं है। प्रतिदिन 50-60 ग्राम अच्छी गुणवत्ता वाला मिनरल मिक्सचर जरूर दें। इसमें मौजूद कैल्शियम, फास्फोरस और मैग्नीशियम ब्याने के बाद पशु को जेर गिराने में मदद करते हैं और हड्डियों को मजबूती देते हैं।

4. नमक और साफ पानी

पशु के पास 24 घंटे साफ और ताजा पानी उपलब्ध होना चाहिए। इसके अलावा, उनके आहार में 30-50 ग्राम नमक जरूर मिलाएं, जिससे उनकी पाचन शक्ति सही बनी रहे।

क्या न दें: सावधानियां

  • फफूंद लगा चारा: कभी भी पुराना या नमी वाला चारा न दें। इससे गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है।
  • अत्यधिक ठंडी चीजें: सर्दियों में बहुत ठंडा पानी या ओस वाला चारा देने से बचें।
  • अचानक बदलाव: पशु के आहार में अचानक कोई बड़ा बदलाव न करें। जो भी नया दाना शुरू करना हो, उसे धीरे-धीरे बढ़ाएं।

बासी भोजन: बचा हुआ या सड़ा-गला दाना पशु के पेट में टॉक्सिन्स पैदा कर सकता है।

ब्याने से 15 दिन पहले की विशेष देखभाल

ब्याने से दो हफ्ते पहले पशु को ‘ट्रांजिशन डाइट’ पर रखें। इस समय उसे बहुत भारी आहार न दें, बल्कि आसानी से पचने वाला दलिया और हल्का दाना दें। इससे पशु के शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और प्रसव के समय उसे ज्यादा कष्ट नहीं होता।

मुख्य बिंदु जो याद रखें:

क्या करें

क्या न करें

प्रतिदिन टहलाएँ

एक ही जगह बांधकर न रखें

शांत वातावरण में रखें

पशु को डराएं या मारें नहीं

साफ़-सफाई का ध्यान रखें

दलदली या फिसलन वाली जगह न रखें


एक स्वस्थ गाय या भैंस ही एक खुशहाल डेयरी फार्म की नींव है। गर्भावस्था के दौरान सही पोषण देकर आप न केवल अपने पशु की उम्र बढ़ाते हैं, बल्कि अपने मुनाफे को भी सुरक्षित करते हैं।

पशुपालन और डेयरी फार्मिंग से जुड़ी ऐसी ही सटीक और वैज्ञानिक जानकारी के लिए TabelaWala के साथ जुड़े रहें।

Friendly-support-icon
0 Lakh+

App Downloads

happy-clients-icon
0 +

Advisor’s Team 

Features Img
0 Cr+

Social Media Reach

quality
0 %

Happy Customers

NEWS LETTER

Subscribe To Our Newsletter

[mc4wp_form id=7675]

Welcome to TabelaWala, brand name of White Gold Livestock Private Limited, the ultimate marketplace for dairy farmers looking to buy or sell cows and buffaloes online as well as offline.

+91 830 570 6703

Got Questions? Call us 24/7

Working Hours

Monday – Saturday

10:00 pm – 05:45 pm

Contact Us

Address:

Machalpur Khurd, Tehsil Barwaha, District Khargone, M.P. India 451225

Email:

contact@tabelawala.com info@tabelawala.in

TabelaWala
Privacy Overview

This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful.