How many times a day should a dairy cow be fed green fodder?
- Home
- Cattle Knowledge
- How many times a day should a dairy cow be fed green fodder?
दूध देने वाली गाय को हरा चारा दिन में कितनी बार खिलाना चाहिए? जानिए सही समय और मात्रा ?
क्या आप जानते हैं कि एक दुधारू गाय के लिए ‘हरा चारा’ सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि उसके शरीर के लिए ‘अमृत’ समान है? कई बार हम मेहनत तो बहुत करते हैं, लेकिन सही जानकारी के अभाव में गाय का दूध उत्पादन गिर जाता है या उसकी सेहत खराब हो जाती है।
अगर आप एक डेयरी किसान हैं और अपनी गाय की दूध उत्पादन क्षमता बढ़ाना चाहते हैं, तो सबसे पहला कदम है सही मात्रा में, सही समय पर हरा चारा खिलाना। भारत के लाखों पशुपालक आज भी इस एक छोटी सी गलती की वजह से भारी नुकसान उठाते हैं। आइए जानते हैं पूरी सच्चाई।
हरे चारे का महत्व — सिर्फ पेट भरना नहीं, दूध बढ़ाना भी!
हरे चारे में नमी, विटामिन A, विटामिन D, कैल्शियम, फॉस्फोरस और फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये सभी तत्व गाय के पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं, शरीर में ऊर्जा का संतुलन बनाते हैं और दूध की मात्रा व गुणवत्ता दोनों को बेहतर करते हैं। सूखे चारे की तुलना में हरा चारा गाय को 15 से 20% अधिक दूध उत्पादन करने में सहायक होता है। इसके अलावा यह गाय को स्वस्थ रखता है और अतिरिक्त पानी पिलाने की ज़रूरत भी कम हो जाती है।
हरे चारे के प्रकार और उनके फ़ायदे :
भारत में दूध देने वाली गायों के लिए निम्नलिखित हरे चारे सबसे उपयुक्त माने जाते हैं:
- नेपियर घास — अत्यधिक पौष्टिक और तेज़ी से बढ़ने वाली घास, दूध उत्पादन के लिए उत्तम
- ज्वार — प्रोटीन व ऊर्जा से भरपूर, गर्मियों में विशेष रूप से उपयोगी
- बरसीम — सर्दियों में उगाई जाने वाली फलीदार घास, प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत
- लोबिया — नाइट्रोजन युक्त, पाचन में सहायक और दूध में वसा (fat) बढ़ाने वाला
- मक्का का हरा चारा — ऊर्जा का अच्छा स्रोत, मानसून में आसानी से उगता है
अच्छे हरे चारे की पहचान और उसे तैयार करने का सही तरीका
अच्छे हरे चारे की पहचान करना उतना ही ज़रूरी है जितना उसे खिलाना। हमेशा ताज़ा, हरा और बिना फफूंद वाला चारा ही गाय को दें। सड़ा-गला या अधिक गीला चारा गाय के पेट में गैस बना सकता है।
संतुलित आहार अनुपात
- 60% हरा चारा
- 20% सूखा चारा
- 20% दाना
चारे को तैयार करने के लिए उसे 2 से 4 इंच के छोटे-छोटे टुकड़ों में काटें ताकि गाय आसानी से चबा सके और चारे की बर्बादी भी कम हो। चारा काटने के लिए ‘चाफकटर’ मशीन का उपयोग करें। बरसीम जैसे फलीदार चारे को कभी भी अकेले न दें इसे ज्वार या सूखे चारे के साथ मिलाकर दें, वरना गाय को अफारा हो सकता है।
दिन में कितनी बार और कितनी मात्रा में दें हरा चारा?
यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है जो हर पशुपालक के मन में होता है। विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों की सलाह के अनुसार:
दूध देने वाली गाय को दिन में 3 बार हरा चारा देना सबसे उपयुक्त माना जाता है।
सुबह 6–7 बजे | दूध दुहने के बाद पहला चारा | लगभग 10–12 किलो |
दोपहर 12–1 बजे | दोपहर का भोजन | 8–10 किलो |
शाम 5–6 बजे | दूध दुहने के बाद तीसरा चारा | 8–10 किलो |
हरे चारे की सही मात्रा:
मात्रा गाय के वजन और दूध उत्पादन पर निर्भर करती है, लेकिन सामान्य भारतीय नस्ल और HF क्रॉसब्रीड के लिए औसत मात्रा इस प्रकार मानी जाती है:
- 400–450 किलो गाय → 20–25 किलो हरा चारा प्रतिदिन
- अधिक दूध देने वाली गाय → 25–30 किलो प्रतिदिन
ध्यान दें: हरे चारे की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाएं, एकदम से अधिक मात्रा देने से गाय का पाचन बिगड़ सकता है। हरे चारे के साथ सूखा चारा और दाना भी संतुलित मात्रा में देना ज़रूरी है।
एक अच्छे पशुपालक की पहचान यही है कि वह अपने पशु की हर ज़रूरत को समझे सही खुराक, सही समय और सही देखभाल। जब गाय खुश रहेगी, तभी आपका तबेला खुशहाल रहेगा।
पशुपालन और डेरी फार्मिंग से जुड़ी ऐसी ही सटीक और वैज्ञानिक जानकारी के लिए TabelaWala के साथ जुड़े रहें।
9 Lakh +
App Downloads
3,000+
Advisor’s Team
5Cr+
Social Media Reach
99.99%
Happy Customers
Subscribe To Our Newsletter
Welcome to TabelaWala, brand name of White Gold Livestock Private Limited, the ultimate marketplace for dairy farmers looking to buy or sell cows and buffaloes online as well as offline.

+91 830 570 6703
Got Questions? Call us 10:00AM to 6:00PM